Category: Hindi

Hindiइश्क़ की रेत

एक पाठक कम हुआ, एक भाषा दूर हो गई…

अंग्रेज़ी में लिखते हुए मैं सुरक्षित रहता हूँ। वहाँ भावनाएँ नियंत्रित रहती हैं, शब्द सीमित रहते हैं। वहाँ मैं खुद को ज़्यादा उजागर नहीं करता। हिंदी में ऐसा नहीं था। हिंदी में मेरी थकान दिखती थी, मेरी बेचैनी, मेरे अधूरे सवाल, मेरी बेवजह की उदासी। शायद इसलिए हिंदी से दूरी आसान नहीं थी, पर ज़रूरी हो गई।
Hindiइश्क़ की रेत

कितना वक़्त ज़ाया कर दिया मैंने…

कुछ नाराज़गियाँ इतनी छोटी थीं कि आज याद करता हूँ तो हैरानी होती है— इनके लिए हमने कितने त्यौहार, कितनी शामें, कितनी बातें कुर्बान कर दीं।
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सिगरेट पीती लड़की…

“लड़कियाँ सिगरेट नहीं पीतीं, ये अच्छी बात नहीं लगती।” वो हँसी थी उस दिन — “सिगरेट बुरी चीज़ है, पर लोगों के तंज़ उससे भी ज़्यादा जहरीले होते हैं।”